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यूपी में राजस्व रिकॉर्ड — ₹1.96 लाख करोड़ से अधिक संग्रह

उत्तर प्रदेश ने वित्तीय वर्ष 2025–26 में फरवरी 2026 तक ₹1.96 लाख करोड़ से अधिक राजस्व संग्रह कर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। यह आंकड़ा ...

उत्तर प्रदेश ने वित्तीय वर्ष 2025–26 में फरवरी 2026 तक ₹1.96 लाख करोड़ से अधिक राजस्व संग्रह कर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। यह आंकड़ा पिछले वर्षों की तुलना में उल्लेखनीय वृद्धि को दर्शाता है और राज्य की आर्थिक गतिविधियों में आई तेजी का संकेत देता है।

राज्य सरकार के वित्त विभाग के अनुसार, कर प्रशासन में पारदर्शिता, डिजिटल मॉनिटरिंग और सख्त प्रवर्तन की रणनीति ने इस उपलब्धि में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। सरकार ने कर आधार (Tax Base) के विस्तार और कर चोरी पर नियंत्रण के लिए कई सुधारात्मक कदम उठाए हैं।

राज्य वस्तु एवं सेवा कर (SGST) संग्रह में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। ई-वे बिल प्रणाली की निगरानी, फर्जी बिलिंग पर कार्रवाई और डिजिटल रिटर्न फाइलिंग व्यवस्था के सुदृढ़ीकरण से राजस्व में तेजी आई है।
व्यापार, निर्माण और सेवा क्षेत्र में बढ़ती गतिविधियों ने भी जीएसटी संग्रह को मजबूत किया है।

आबकारी नीति में पारदर्शिता और लाइसेंस आवंटन की नई व्यवस्था से राजस्व में बढ़ोतरी हुई है। शराब की बिक्री और लाइसेंस फीस से सरकार को निर्धारित लक्ष्य से अधिक आय प्राप्त हुई है।
ऑनलाइन ट्रैकिंग और अवैध कारोबार पर सख्ती ने भी संग्रह बढ़ाने में योगदान दिया।

वाहन पंजीकरण, रोड टैक्स, परमिट और ई-चालान प्रणाली के डिजिटलीकरण से परिवहन विभाग की आय में भी इजाफा हुआ है।
नए वाहनों की बिक्री और कमर्शियल वाहनों की संख्या में वृद्धि ने राजस्व को मजबूत आधार दिया है।

विशेषज्ञों का मानना है कि राजस्व में यह वृद्धि राज्य की विकास योजनाओं, इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं और सामाजिक कल्याण योजनाओं को गति देने में सहायक होगी।
सड़क, एक्सप्रेस-वे, औद्योगिक कॉरिडोर, स्वास्थ्य और शिक्षा क्षेत्र में चल रही परियोजनाओं को इससे वित्तीय मजबूती मिलेगी।

सरकार का लक्ष्य मार्च 2026 तक इस आंकड़े को और बढ़ाकर नया रिकॉर्ड बनाने का है।
राज्य प्रशासन का दावा है कि वित्तीय अनुशासन, तकनीकी नवाचार और पारदर्शी नीति-निर्माण के जरिए उत्तर प्रदेश देश की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में अपनी स्थिति को और मजबूत करेगा।

राजस्व संग्रह का यह आंकड़ा संकेत देता है कि राज्य की अर्थव्यवस्था निरंतर विकास की दिशा में आगे बढ़ रही है और प्रशासनिक सुधारों का सकारात्मक प्रभाव दिखने लगा है।