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दिल्ली में एशियन राइफल/पिस्टल शूटिंग चैंपियनशिप

लॉस एंजेलिस ओलंपिक 2028 के लिए 8 कोटा दांव पर, भारतीय शूटिंग के लिए सुनहरा अवसर नई दिल्ली। भारत की राजधानी दिल्ली एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय...

लॉस एंजेलिस ओलंपिक 2028 के लिए 8 कोटा दांव पर, भारतीय शूटिंग के लिए सुनहरा अवसर

नई दिल्ली।
भारत की राजधानी दिल्ली एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय खेल मंच पर अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराने जा रही है। दिल्ली में आयोजित होने वाली एशियन राइफल/पिस्टल शूटिंग चैंपियनशिप न केवल एशिया की सबसे प्रतिष्ठित शूटिंग प्रतियोगिताओं में से एक है, बल्कि यह लॉस एंजेलिस ओलंपिक 2028 के लिए क्वालिफिकेशन का अहम पड़ाव भी है। इस चैंपियनशिप के माध्यम से कुल 8 ओलंपिक कोटा स्थान हासिल किए जा सकेंगे।

एशिया के शीर्ष निशानेबाज़ होंगे आमने-सामने

इस चैंपियनशिप में एशिया के प्रमुख शूटिंग राष्ट्रों—जैसे चीन, जापान, कोरिया, कज़ाखस्तान, ईरान और भारत—के शीर्ष निशानेबाज़ हिस्सा ले रहे हैं। राइफल और पिस्टल दोनों वर्गों में मुकाबले बेहद कड़े होने की उम्मीद है, क्योंकि सभी खिलाड़ी ओलंपिक टिकट हासिल करने के लक्ष्य के साथ मैदान में उतरेंगे।

घरेलू मैदान पर भारत को मिलेगा फायदा

भारतीय निशानेबाज़ों के लिए यह प्रतियोगिता विशेष महत्व रखती है। घरेलू मैदान पर खेलते हुए खिलाड़ियों को परिस्थितियों की बेहतर समझ और दर्शकों का समर्थन मिलेगा, जो प्रदर्शन को और मजबूत बना सकता है। टोक्यो 2020 और पेरिस 2024 के अनुभव के बाद भारतीय शूटिंग टीम अब पूरी तरह से ओलंपिक 2028 की तैयारियों में जुट चुकी है।

ओलंपिक क्वालिफिकेशन का बड़ा मंच

एशियन शूटिंग चैंपियनशिप को अंतरराष्ट्रीय शूटिंग महासंघ (ISSF) और एशियन शूटिंग कॉन्फेडरेशन द्वारा मान्यता प्राप्त है। यहां से मिलने वाले कोटा स्थान सीधे ओलंपिक से जुड़े होते हैं, जिससे इस प्रतियोगिता का महत्व कई गुना बढ़ जाता है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह टूर्नामेंट भारतीय शूटिंग के लिए ओलंपिक अभियान की दिशा तय करने वाला साबित हो सकता है।

खेल ढांचे और आयोजन क्षमता का प्रदर्शन

इस आयोजन के जरिए भारत एक बार फिर यह साबित कर रहा है कि वह विश्वस्तरीय खेल आयोजनों की मेज़बानी के लिए पूरी तरह सक्षम है। दिल्ली की शूटिंग रेंज, तकनीकी व्यवस्थाएं और आयोजन प्रबंधन अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप हैं, जिससे भारत की वैश्विक खेल छवि को भी मजबूती मिलेगी।

भविष्य की उम्मीदें

खेल विशेषज्ञों और कोचों का मानना है कि इस चैंपियनशिप से भारतीय निशानेबाज़ों को न केवल ओलंपिक कोटा जीतने का मौका मिलेगा, बल्कि युवा खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय अनुभव भी प्राप्त होगा। आने वाले वर्षों में यही अनुभव भारत को शूटिंग में एक स्थायी ओलंपिक शक्ति बना सकता है।

कुल मिलाकर, दिल्ली में होने वाली एशियन राइफल/पिस्टल शूटिंग चैंपियनशिप भारतीय शूटिंग के लिए एक निर्णायक मोड़ साबित हो सकती है, जहां से लॉस एंजेलिस ओलंपिक 2028 की राह और भी मजबूत होगी।