Page Nav

HIDE

Grid

GRID_STYLE

Pages

Custom Header

{fbt_classic_header}
latest

📰 अयोध्या: राष्ट्रपति के दौरे से पहले कड़ी सुरक्षा, यातायात प्रतिबंध लागू

अयोध्या, 18 मार्च 2026। रामनगरी अयोध्या में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के 19 मार्च को प्रस्तावित रामलला दर्शन कार्यक्रम को लेकर प्रशासन ने व...

अयोध्या, 18 मार्च 2026। रामनगरी अयोध्या में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के 19 मार्च को प्रस्तावित रामलला दर्शन कार्यक्रम को लेकर प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा और यातायात व्यवस्थाएं लागू कर दी हैं। शहर में बढ़ती भीड़ और वीआईपी मूवमेंट को देखते हुए आज से बाहरी वाहनों के प्रवेश पर रोक लगा दी गई है, जिससे व्यवस्था को सुचारू और सुरक्षित बनाया जा सके।

प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार, भारी वाहन जैसे ट्रक, बस और अन्य व्यावसायिक वाहनों को अयोध्या में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी। इन्हें शहर की सीमा से पहले ही वैकल्पिक मार्गों की ओर डायवर्ट किया जा रहा है। केवल एम्बुलेंस, फायर ब्रिगेड, दूध और दवाइयों से जुड़े आवश्यक सेवाओं के वाहनों को ही सीमित प्रवेश दिया जा रहा है। इसके अलावा, मंदिर क्षेत्र के आसपास नो-व्हीकल ज़ोन घोषित किया गया है, जहां आम वाहनों की आवाजाही पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी।

राम मंदिर में दर्शन व्यवस्था में भी अस्थायी बदलाव किया गया है। राष्ट्रपति के कार्यक्रम को ध्यान में रखते हुए मंदिर के खुलने और बंद होने के समय में परिवर्तन किया गया है। सुरक्षा कारणों से वीआईपी मूवमेंट के दौरान कुछ समय के लिए आम श्रद्धालुओं के दर्शन पर रोक लगाई जा सकती है। कार्यक्रम समाप्त होने के बाद पुनः सामान्य दर्शन व्यवस्था बहाल कर दी जाएगी।

राष्ट्रपति के दौरे को देखते हुए अयोध्या में सुरक्षा व्यवस्था को अभूतपूर्व स्तर पर मजबूत किया गया है। मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में भारी संख्या में पुलिस बल, अर्धसैनिक बल और सुरक्षा एजेंसियां तैनात की गई हैं। जगह-जगह बैरिकेडिंग, सीसीटीवी निगरानी और चेकिंग की व्यवस्था की गई है, ताकि किसी भी प्रकार की सुरक्षा चूक न हो।

प्रशासन ने श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों से अपील की है कि वे यात्रा से पहले ट्रैफिक और दर्शन से जुड़ी नई व्यवस्थाओं की जानकारी अवश्य प्राप्त करें और निर्धारित नियमों का पालन करें। अधिकारियों का कहना है कि इन व्यवस्थाओं का उद्देश्य राष्ट्रपति के दौरे को सुरक्षित और सुचारू बनाना है, साथ ही श्रद्धालुओं को भी व्यवस्थित तरीके से दर्शन कराने की व्यवस्था सुनिश्चित करना है।