नई दिल्ली | विशेष समाचार रिपोर्ट मल्लखंब फेडरेशन ने खेल मंत्रालय की मान्यता प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाते हुए कथित अनियमितताओं की जांच और न्...
नई दिल्ली | विशेष समाचार रिपोर्ट
मल्लखंब फेडरेशन ने खेल मंत्रालय की मान्यता प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाते हुए कथित अनियमितताओं की जांच और न्यायिक आदेशों के अनुपालन की मांग की है। फेडरेशन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मामले में हस्तक्षेप करने तथा केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से जांच कराने की मांग की है।
फेडरेशन का आरोप है कि वर्ष 1996 से लगातार मल्लखंब फेडरेशन ऑफ इंडिया (MFI) को मान्यता दी जाती रही है, जबकि उसके अनुसार इस नाम से संबंधित संस्था का वैध पंजीकरण नहीं है। फेडरेशन ने दावा किया है कि उसकी पंजीकृत संस्था, जिसका पंजीयन क्रमांक 13752 बताया गया है, के पंजीकरण संबंधी विवरणों का कथित रूप से उपयोग करके दस्तावेज तैयार किए गए।
न्यायालय के आदेशों और अनुदान पर सवाल
मल्लखंब फेडरेशन ने आरोप लगाया है कि संबंधित अधिकारियों ने इंदौर और दिल्ली स्थित माननीय उच्च न्यायालयों के आदेशों के बावजूद विवादित संस्था को मान्यता और सरकारी अनुदान दिए। फेडरेशन ने इन आरोपों की स्वतंत्र जांच कराने तथा संबंधित आदेशों और अनुदान अभिलेखों की समीक्षा करने की मांग की है।
हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि, संबंधित न्यायालयों के आदेशों का सटीक विवरण और मंत्रालय का आधिकारिक पक्ष सामने आना आवश्यक है।
राष्ट्रीय खेल शासन कानून के क्रियान्वयन पर उठे प्रश्न
फेडरेशन ने National Sports Governance Act, 2025 और राष्ट्रीय खेल विकास संहिता (NSDC) के संदर्भ में खेल संगठनों की मान्यता, पारदर्शिता और जवाबदेही पर सवाल उठाए हैं। उसका आरोप है कि एक कथित तदर्थ समिति (Ad Hoc Committee) के माध्यम से विवादित संस्था को संरक्षण दिया जा रहा है।
फेडरेशन ने मांग की है कि समिति के गठन, अधिकारों और निर्णयों की वैधानिकता की जांच की जाए तथा मान्यता संबंधी प्रक्रिया को निर्धारित नियमों के अनुरूप पारदर्शी बनाया जाए।
खेल मंत्री और राज्य मंत्री की भूमिका पर सवाल
फेडरेशन ने केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया और राज्य मंत्री रक्षा खडसे से मामले पर स्पष्टीकरण देने की मांग की है। संगठन का कहना है कि यदि मान्यता प्रक्रिया में अनियमितताएं हुई हैं, तो उनकी जवाबदेही तय की जानी चाहिए।
फेडरेशन ने इसे सरकार की भ्रष्टाचार के प्रति शून्य सहिष्णुता (Zero Tolerance) और सुशासन की नीति के संदर्भ में महत्वपूर्ण मामला बताया है।
खिलाड़ियों के भविष्य को लेकर चिंता
फेडरेशन का कहना है कि विवादित मान्यता प्रक्रिया के कारण वास्तविक और पंजीकृत खेल संगठन से जुड़े खिलाड़ियों के अवसर प्रभावित हो सकते हैं। संगठन ने समान अवसर (Equal Opportunity), निष्पक्ष चयन और मल्लखंब खेल के व्यवस्थित विकास की आवश्यकता पर जोर दिया है।
उसने कहा कि भारत में एशियाई खेलों, राष्ट्रमंडल खेलों और ओलंपिक जैसे अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों की मेजबानी की आकांक्षाओं के बीच देश के पारंपरिक खेलों के प्रशासन में पारदर्शिता सुनिश्चित करना भी महत्वपूर्ण है।
प्रधानमंत्री से तीन प्रमुख मांगें
मल्लखंब फेडरेशन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से निम्नलिखित मांगें की हैं:
CBI जांच: मान्यता प्रक्रिया, संबंधित दस्तावेजों और सरकारी अनुदानों में कथित अनियमितताओं की स्वतंत्र जांच कराई जाए।
मान्यता की समीक्षा: मल्लखंब फेडरेशन ऑफ इंडिया (MFI) को दी गई मान्यता की वैधानिकता की जांच कर नियमों के अनुसार उचित कार्रवाई की जाए।
पंजीकृत फेडरेशन के अधिकारों की रक्षा: पंजीयन क्रमांक 13752 वाली संस्था के दावों पर निष्पक्ष विचार करते हुए खिलाड़ियों को समान अवसर और पारदर्शी खेल प्रशासन सुनिश्चित किया जाए।
फेडरेशन की अपील: संगठन ने प्रधानमंत्री से मामले में हस्तक्षेप कर तथ्यों की निष्पक्ष जांच कराने और लागू कानूनों एवं न्यायालय के आदेशों के अनुरूप कार्रवाई सुनिश्चित करने की अपील की है।
