मुंबई, 25 फरवरी। बॉलीवुड अभिनेता आदित्य पंचोली से जुड़े कथित दुष्कर्म मामले में मंगलवार को बॉम्बे हाईकोर्ट में 28वीं सुनवाई हुई। सुनवाई क...
मुंबई, 25 फरवरी।
बॉलीवुड अभिनेता आदित्य पंचोली से जुड़े कथित दुष्कर्म मामले में मंगलवार को बॉम्बे हाईकोर्ट में 28वीं सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान अभिनेता स्वयं अदालत में उपस्थित रहे। यह मामला वर्ष 2019 में दर्ज एफआईआर से संबंधित है, जिसमें आरोप लगाया गया था कि 2004 से 2009 के बीच शिकायतकर्ता महिला अभिनेत्री के साथ यौन शोषण किया गया।
शिकायत के आधार पर वर्ष 2019 में वर्सोवा पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज की गई थी। आरोपों के अनुसार, कथित घटनाएं उस अवधि की हैं जब दोनों के बीच पेशेवर और निजी संपर्क थे। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि इस दौरान उनके साथ जबरन संबंध बनाए गए और मानसिक उत्पीड़न भी हुआ।
हालांकि, आदित्य पंचोली ने शुरुआत से ही इन आरोपों को निराधार बताया है।
मंगलवार की सुनवाई के दौरान पंचोली के वकील ने अदालत से एफआईआर रद्द करने की मांग एक बार फिर दोहराई। बचाव पक्ष का तर्क है कि:
- आरोप कई वर्ष पुराने हैं।
- एफआईआर दर्ज कराने में अत्यधिक देरी हुई है।
- मामले में पर्याप्त ठोस साक्ष्य नहीं हैं।
वहीं, अभियोजन पक्ष का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच और सुनवाई जारी रहनी चाहिए।
अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद मामले की अगली सुनवाई 4 मार्च को निर्धारित की है।
सुनवाई के बाद मीडिया से संक्षिप्त बातचीत में आदित्य पंचोली ने कहा कि उन्हें विश्वास है कि मामला रद्द हो जाएगा। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि चूंकि मामला न्यायालय में विचाराधीन है, इसलिए वे इस पर विस्तार से टिप्पणी नहीं करेंगे। उन्होंने कहा, “आगे क्या होगा, यह 4 मार्च को पता चलेगा।”
फिलहाल मामला न्यायिक प्रक्रिया में है और अंतिम निर्णय आना बाकी है। अदालत आगामी सुनवाई में यह तय करेगी कि एफआईआर रद्द करने की याचिका स्वीकार की जाए या मामला ट्रायल की दिशा में आगे बढ़े।
