लखनऊ/बलिया, 25 फरवरी 2026। उत्तर प्रदेश की राजनीति में बुधवार सुबह उस समय हलचल मच गई जब उमाशंकर सिंह के लखनऊ और बलिया स्थित ठिकानों पर आयक...
उत्तर प्रदेश की राजनीति में बुधवार सुबह उस समय हलचल मच गई जब उमाशंकर सिंह के लखनऊ और बलिया स्थित ठिकानों पर आयक
र विभाग ने छापेमारी की कार्रवाई शुरू की। उमाशंकर सिंह वर्तमान में बहुजन समाज पार्टी (BSP) के इकलौते विधायक हैं और बलिया की रसड़ा विधानसभा सीट का प्रतिनिधित्व करते हैं।
सूत्रों के अनुसार, आयकर विभाग की टीमें सुबह करीब 7 बजे लखनऊ के गोमतीनगर स्थित आवास और बलिया के रसड़ा स्थित प्रतिष्ठानों पर पहुंचीं। टीम ने परिसर को अपने कब्जे में लेकर दस्तावेज़ों, कंप्यूटर हार्ड डिस्क, बैंक रिकॉर्ड और अन्य वित्तीय लेन-देन से जुड़े कागजातों की गहन जांच शुरू की।
बताया जा रहा है कि कार्रवाई में बड़ी संख्या में अधिकारी और सुरक्षाकर्मी शामिल हैं। हालांकि, विभाग की ओर से अभी तक आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, जांच का फोकस कथित वित्तीय अनियमितताओं, आय से अधिक संपत्ति और कारोबारी लेन-देन पर है। आयकर विभाग की टीम पिछले कुछ समय से वित्तीय गतिविधियों की निगरानी कर रही थी, जिसके बाद यह कार्रवाई की गई।
इस कार्रवाई के बाद प्रदेश की सियासत गरमा गई है। प्रदेश सरकार में मंत्री और उमाशंकर सिंह के समधी दिनेश प्रताप सिंह ने छापेमारी पर सवाल उठाते हुए इसे “संवेदनहीन” बताया। उनका कहना है कि विधायक गंभीर बीमारी से जूझ रहे हैं और इस समय इस प्रकार की कार्रवाई उचित नहीं है।
वहीं विपक्षी दलों ने इसे राजनीतिक दबाव की कार्रवाई बताया है, जबकि कुछ नेताओं ने कहा कि जांच एजेंसियों को अपना काम निष्पक्ष रूप से करने देना चाहिए।
फिलहाल छापेमारी की कार्रवाई जारी है और विस्तृत जानकारी जांच पूरी होने के बाद सामने आने की संभावना है। इस घटना ने आगामी राजनीतिक समीकरणों और BSP की रणनीति को लेकर चर्चाओं को और तेज कर दिया है।
