Page Nav

HIDE

Grid

GRID_STYLE

Pages

Custom Header

{fbt_classic_header}
latest

उत्तर प्रदेश गिल्ली डंडा स्पोर्ट्स एसोसिएशन का गठन

सहारनपुर/उत्तर प्रदेश, 15 फरवरी 2026। आज दिनांक 15 फरवरी 2026 को इंडियन गिल्ली डंडा फेडरेशन के तकनीकी सहायक बी.के. भरत एवं अध्यक्ष श्रीमती...

सहारनपुर/उत्तर प्रदेश, 15 फरवरी 2026।
आज दिनांक 15 फरवरी 2026 को इंडियन गिल्ली डंडा फेडरेशन के तकनीकी सहायक बी.के. भरत एवं अध्यक्ष श्रीमती सोनी भरत के निर्देशानुसार दिल्ली डंडा स्पोर्ट्स एसोसिएशन उत्तर प्रदेश की एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया।

यह बैठक देहरादून रोड स्थित पूर्व मंत्री, विधायक एवं उत्तर प्रदेश ओलंपिक संघ के वरिष्ठ उपाध्यक्ष संजय गर्ग के आवास पर संपन्न हुई। बैठक की अध्यक्षता सहारनपुर मंडलीय ओलंपिक संघ के सचिव प्रोफेसर डॉ. अशोक कुमार गुप्ता ने की।

बैठक में सर्वसम्मति से उत्तर प्रदेश गिल्ली डंडा स्पोर्ट्स एसोसिएशन का गठन किया गया।


नवगठित पदाधिकारी (सर्वसम्मति से चयनित)

  • संरक्षक – डॉ. अशोक कुमार गुप्ता
  • चेयरमैन – अशोक सक्सेना
  • अध्यक्ष – पुण्य गर्ग
  • वरिष्ठ उपाध्यक्ष – श्रीमती सोनी भरत
  • वरिष्ठ उपाध्यक्ष – पंकज गर्ग
  • उपाध्यक्ष – राजेंद्र कुमार
  • उपाध्यक्ष – लाल धर्मेंद्र प्रताप
  • सचिव – मौ. मुस्तकीम अंसारी
  • वरिष्ठ सह-सचिव – रविंद्र कुमार भरत
  • सह-सचिव – मशहूर अली
  • वरिष्ठ सह-सचिव – सरिता प्रजापति
  • सह-सचिव – अमित कुमार
  • कोषाध्यक्ष – चौधरी हैदर गुर्जर
  • कानूनी सलाहकार – एडवोकेट मौ. मुरसलीन
  • मीडिया प्रभारी – साजिद अली, मनोज कश्यप
  • मैनेजर – दिव्यांशु सक्सेना
  • मुख्य सदस्य – तंजीम फातिमा, विष्णु चाहर, अन्नया अग्रवाल, सलाउद्दीन मलिक

पदाधिकारियों के विचार

उत्तर प्रदेश ओलंपिक संघ के वरिष्ठ उपाध्यक्ष संजय गर्ग ने सभी नवनियुक्त पदाधिकारियों को बधाई एवं शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में गिल्ली डंडा खेल को बढ़ावा देने के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे तथा खिलाड़ियों को सरकारी सहायता दिलाने का प्रयास रहेगा।

प्रो. डॉ. अशोक कुमार गुप्ता ने सभी पदाधिकारियों को माला पहनाकर एवं मिठाई खिलाकर सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में गिल्ली डंडा खेल को आगे बढ़ाने तथा खिलाड़ियों को आर्थिक एवं संस्थागत सहयोग प्रदान करने के लिए निरंतर कार्य किया जाएगा।

अध्यक्ष पुण्य गर्ग ने कहा कि गिल्ली डंडा लगभग 5000 वर्ष पुराना भारतीय पारंपरिक खेल है। अब आवश्यकता है कि इस खेल को गाँवों से निकालकर शहरों और विद्यालयों तक पहुँचाया जाए। उन्होंने जिला एवं प्रदेश स्तरीय प्रतियोगिताओं के आयोजन, प्रशिक्षण शिविर लगाने तथा भविष्य में ओलंपिक और खेलो इंडिया में शामिल कराने का संकल्प व्यक्त किया।

उन्होंने यह भी कहा कि उत्तर प्रदेश के विद्यालयों और महाविद्यालयों में प्रशिक्षण कैंप और प्रतियोगिताएँ आयोजित कर खिलाड़ियों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिभाग के लिए तैयार किया जाएगा, ताकि प्रदेश और देश का नाम गौरवान्वित हो।