नई दिल्ली | 11 जुलाई 2026 दिल्ली उच्च न्यायालय ने योगासन खेल के प्रशासन से जुड़े एक महत्वपूर्ण मामले में केंद्र सरकार द्वारा 'योगासन भार...
नई दिल्ली | 11 जुलाई 2026
दिल्ली उच्च न्यायालय ने योगासन खेल के प्रशासन से जुड़े एक महत्वपूर्ण मामले में केंद्र सरकार द्वारा 'योगासन भारत' को राष्ट्रीय खेल महासंघ (National Sports Federation - NSF) के रूप में प्रदान की गई मान्यता को रद्द कर दिया है। न्यायालय ने केंद्र सरकार को निर्देश दिया है कि योगासन के लिए राष्ट्रीय खेल महासंघ के चयन की प्रक्रिया नए सिरे से, पारदर्शी एवं निष्पक्ष तरीके से आयोजित की जाए।
मामले की सुनवाई के दौरान न्यायालय ने कहा कि किसी भी खेल के लिए राष्ट्रीय खेल महासंघ की मान्यता प्रदान करने की प्रक्रिया समान अवसर, पारदर्शिता और राष्ट्रीय खेल विकास संहिता (National Sports Development Code) के अनुरूप होनी चाहिए। यदि कई पात्र संगठन मौजूद हैं, तो सभी को आवेदन और अपना पक्ष रखने का उचित अवसर मिलना चाहिए।
याचिकाकर्ताओं ने अदालत में दलील दी थी कि 'योगासन भारत' को राष्ट्रीय खेल महासंघ के रूप में मान्यता देने की प्रक्रिया में निर्धारित नियमों और निष्पक्षता का पालन नहीं किया गया। उनका कहना था कि अन्य पात्र संगठनों को समान अवसर नहीं दिया गया और चयन प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी नहीं थी।
इन दलीलों पर विचार करने के बाद दिल्ली उच्च न्यायालय ने केंद्र सरकार द्वारा दी गई मान्यता को निरस्त करते हुए कहा कि योगासन के लिए राष्ट्रीय खेल महासंघ के चयन की प्रक्रिया पुनः शुरू की जाए। अदालत ने निर्देश दिया कि सभी पात्र संगठनों से आवेदन आमंत्रित किए जाएँ और निर्धारित मानदंडों के आधार पर निष्पक्ष मूल्यांकन के बाद ही अंतिम निर्णय लिया जाए।
इस निर्णय के बाद फिलहाल 'योगासन भारत' की राष्ट्रीय खेल महासंघ के रूप में मान्यता समाप्त हो गई है। अब केंद्र सरकार को न्यायालय के निर्देशों के अनुसार नई चयन प्रक्रिया अपनानी होगी। माना जा रहा है कि इस प्रक्रिया में योगासन के क्षेत्र में कार्यरत विभिन्न राष्ट्रीय संगठनों को समान अवसर मिलेगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला केवल योगासन तक सीमित नहीं है, बल्कि देश में खेल प्रशासन की पारदर्शिता और सुशासन के लिए भी एक महत्वपूर्ण मिसाल है। इससे भविष्य में राष्ट्रीय खेल महासंघों की मान्यता प्रदान करने की प्रक्रिया अधिक जवाबदेह और नियमसम्मत होने की उम्मीद है।
अब खेल जगत की निगाहें केंद्र सरकार की अगली कार्रवाई पर हैं। नई चयन प्रक्रिया के बाद जिस संगठन को राष्ट्रीय खेल महासंघ का दर्जा मिलेगा, वही भविष्य में राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं, खिलाड़ियों के चयन, प्रशिक्षण कार्यक्रमों और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत के प्रतिनिधित्व से जुड़े प्रशासनिक दायित्व निभाएगा।
